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दिल्ली : दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी और भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) लोकहित के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बाना को पुलिस ने रवाना होने से पहले ही रोक दिया। शुक्रवार सुबह कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी को उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया, जबकि किसान नेता देवेंद्र बाना के कन्हैया एन्क्लेव स्थित घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई। दोनों नेताओं को दिल्ली जाने से रोके जाने के बाद राजनीतिक और किसान संगठनों में हलचल देखने को मिली।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के साथ पुलिस प्रशासन ने बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया। हालांकि, उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
शुक्रवार सुबह कांग्रेस जिलाध्यक्ष को किया नजरबंद
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी शुक्रवार को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाने वाले थे।
लेकिन दिल्ली रवाना होने से पहले ही पुलिस ने उन्हें उनके आवास पर रोक दिया।
बताया गया है कि शुक्रवार सुबह राकेश त्यागी को घर पर नजरबंद कर दिया गया। इस कार्रवाई के कारण वह प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली नहीं जा सके।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष को रोकने के पीछे पुलिस प्रशासन की ओर से क्या आधिकारिक कारण बताया गया, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि उन्हें कितने समय तक आवास पर रोके रखने के निर्देश दिए गए थे।
किसान नेता देवेंद्र बाना के घर भी पहुंची पुलिस
कांग्रेस जिलाध्यक्ष के अलावा भारतीय किसान यूनियन लोकहित के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बाना को भी दिल्ली जाने से पहले रोक दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, देवेंद्र बाना के कन्हैया एन्क्लेव स्थित आवास के बाहर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए।
देवेंद्र बाना भी दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे।
हालांकि, उन्हें औपचारिक रूप से नजरबंद किया गया था या केवल घर के बाहर पुलिस तैनात करके दिल्ली जाने से रोका गया, इसका विस्तृत प्रशासनिक विवरण उपलब्ध नहीं है।
दोनों नेताओं को रोकने की कार्रवाई के बाद राजनीतिक और किसान संगठनों में हलचल रही।
दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर थी तैयारी
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी और किसान नेता देवेंद्र बाना दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे।
इसी सिलसिले में दोनों नेताओं का दिल्ली जाने का कार्यक्रम था।
लेकिन शुक्रवार सुबह पुलिस की कार्रवाई के कारण वे रवाना नहीं हो सके।
दोनों नेताओं को दिल्ली कूच करने से पहले रोकने की घटना ने स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों को प्रभावित किया।
हालांकि, दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन का सटीक स्थान, समय और उसमें शामिल होने वाले संगठनों की पूरी सूची उपलब्ध नहीं है।
प्रदर्शन में कितने लोगों के पहुंचने की संभावना थी, इसका भी कोई पुष्ट विवरण सामने नहीं आया है।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ दुर्व्यवहार का आरोप
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने दिल्ली में कांग्रेस नेताओं के साथ पुलिस के व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
उनका कहना है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के साथ पुलिस प्रशासन ने बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया।
राकेश त्यागी ने इस कथित घटना को लेकर नाराजगी जताई।
उन्होंने दावा किया कि पुलिस की कार्रवाई के कारण देशभर के कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में रोष है।
हालांकि, दिल्ली में हुई कथित घटना के संबंध में पुलिस प्रशासन का पक्ष उपलब्ध नहीं है। इसलिए आरोपों को प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने जाने का दावा
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने जा रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान पुलिस ने दोनों नेताओं के साथ दुर्व्यवहार किया।
राकेश त्यागी ने यहां तक दावा किया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने सड़क पर घसीटा।
हालांकि, यह दावा कांग्रेस जिलाध्यक्ष की ओर से किया गया है। घटना के संबंध में कोई स्वतंत्र पुष्टि या आधिकारिक पुलिस विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात के उद्देश्य और निर्धारित कार्यक्रम का विस्तृत विवरण भी सामने नहीं आया है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी का दावा
राकेश त्यागी ने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस नेताओं के साथ कथित व्यवहार को लेकर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
उनके अनुसार, इसी घटना के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में रोष है।
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी को भी इसी राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, प्रदर्शन की सभी मांगों और आयोजकों की आधिकारिक घोषणा का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित पुलिस अधिकारियों की प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है।
राजनीतिक और किसान संगठनों में हलचल
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी और भारतीय किसान यूनियन लोकहित के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बाना को रोकने के बाद राजनीतिक तथा किसान संगठनों में हलचल रही।
दोनों नेता अलग-अलग संगठनों से जुड़े हैं, लेकिन दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई के कारण उनका दिल्ली जाने का कार्यक्रम प्रभावित हुआ।
इस घटनाक्रम में कांग्रेस संगठन के साथ किसान संगठन से जुड़े नेता को भी रोका जाना महत्वपूर्ण है।
हालांकि, दोनों संगठनों की ओर से आगे किसी नए प्रदर्शन या आंदोलन की घोषणा किए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
पुलिस कार्रवाई के कारणों पर स्थिति स्पष्ट नहीं
दोनों नेताओं को दिल्ली जाने से रोकने की जानकारी सामने आई है, लेकिन पुलिस की ओर से इस कार्रवाई का विस्तृत आधिकारिक आधार उपलब्ध नहीं है।
यह स्पष्ट नहीं है कि नेताओं को रोकने के लिए कोई लिखित आदेश जारी किया गया था या सुरक्षा और कानून-व्यवस्था संबंधी अन्य निर्देश लागू किए गए थे।
इसी तरह यह भी जानकारी नहीं मिली है कि दोनों नेताओं पर लगाई गई पाबंदी कब तक प्रभावी रहेगी।
पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद कार्रवाई के कारणों और उसकी अवधि को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दिल्ली कूच से पहले ही रुक गया कार्यक्रम
शुक्रवार सुबह हुई पुलिस कार्रवाई के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी और किसान नेता देवेंद्र बाना दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रवाना नहीं हो सके।
राकेश त्यागी को उनके आवास पर नजरबंद किए जाने और देवेंद्र बाना के कन्हैया एन्क्लेव स्थित घर के बाहर पुलिस तैनात किए जाने की जानकारी सामने आई है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और राजेंद्र पाल गौतम के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है।
फिलहाल, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष और दोनों नेताओं को रोकने की कार्रवाई का विस्तृत आधिकारिक कारण सामने आना बाकी है।





